1. पूर्ण सूर्य ग्रहण – पूर्ण सूर्य ग्रहण तब जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी पास रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है. चांद पूरी तरह पृ्थ्वी को अपनी छाया के क्षेत्र में ले लेता है।
2. आंशिक सूर्य ग्रहण – आंशिक सूर्यग्रहण में जब चन्द्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच में इस प्रकार आए कि सूर्य का कुछ ही भाग पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है, चन्दमा, सूर्य के केवल कुछ भाग को ही अपनी छाया में ले पाता है।
3. वलयाकार सूर्य ग्रहण – वलयाकार सूर्य ग्रहण में जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है मतलब चांद सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चन्द्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है।
अग्रसेन नगर शिवपुरी से सूर्य ग्रहण का दृश्य, शिक्षक राजेश शर्मा ने केमरे में कैद किया।
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