आप जनरल, कर्नल या कोई भी बने रहें, मुझे उससे कोई मतलब नहीं....
विनाश काले विपरीत बुद्धि...कुछ लोग अपने पद के नशे में इस कदर चूर होते है कि उन्हें अच्छे बुरे का भी एहसास नहीं होता, शायद निलंबित टी टी भी उन लोगों में शामिल हैं। दरअसल सेना में सूबेदार विनोद कुमार दुबे 8 मई को आपात कॉल आया, जिसके बाद ड्यूटी के लिए ग्वालियर से जम्मू जा रहे थे। उन्होंने
मालवा एक्सप्रेस से सामान्य टिकट पर यात्रा शुरू की। शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे ट्रेन सोनीपत और पानीपत के बीच से गुजर रही थी, तब टीटीई ने आकर उनसे टिकट मांगा।
दुबे ने अपना जनरल टिकट और आर्मी का आई कार्ड दिखाया। साथ ही बताया कि ड्यूटी के लिए जम्मू जा रहे हैं। इसके बावजूद टीटीई ने उन पर जुर्माना लगाने की बात कही और जनरल कोच में जाने के लिए कहा। कोच में दुबे के साथ यात्रा कर रहे अग्निवीर जहीर खान से टीटीई ने 150 रुपए की रिश्वत ली। टिकट देने की बजाय जनरल टिकट पर ही कुछ लिख
दिया। रसीद भी नहीं बनाई। दुबे ने बताया कि वे 25 दिन की छुट्टी पर आए थे। उन्हें 12 मई को वापस जाना था, लेकिन छुट्टी कैंसिल होने के बाद 9 मई को रवाना हुए। जवान विनोद कुमार ने बताया, यह व्यवस्था बहुत भ्रष्ट है। टीटीई ने कहा कि जेल भेज देंगे। इस पर मैंने कहा, हम बॉर्डर पर जाने के लिए निकले थे, अब अगर आप चाहें तो जेल ही भेज दीजिए। तो टीटीई कहने लगा कि आप जनरल, कर्नल या कोई भी बने रहें, मुझे उससे कोई मतलब नहीं।
जवानों के लिए रेलवे ने दिए इंस्ट्रक्शन्स भोपाल डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, हमारी तरफ से इंस्ट्रक्शन हैं कि जो भी जवान ड्यूटी जॉइन
करने जा रहे हैं, उन्हें अधिक से अधिक सुविधा देकर उनकी यात्रा आसान बनाई जाए। यह सामान्य इंस्ट्रक्शन पहले से ही दिए हुए हैं।
करने जा रहे हैं, उन्हें अधिक से अधिक सुविधा देकर उनकी यात्रा आसान बनाई जाए। यह सामान्य इंस्ट्रक्शन पहले से ही दिए हुए हैं।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें