Mathura मथुरा। यूपी में गंगा, यमुना सहित सभी बड़ी नदियां उफान पर हैं। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद मथुरा के वृंदावन में हालात बिगड़ गए हैं। 50% इलाका बाढ़ प्रभावित है। राधा वल्लभ मंदिर में पानी भर गया। वृंदावन का परिक्रमा मार्ग पूरी तरह डूब चुका है। बांके बिहारी मंदिर से यमुना की दूरी 600 मीटर है, लेकिन अब महज 100 मीटर रह गई। अब तक परिक्रमा मार्ग और निचली कॉलोनियों में कहर बरपा रही कालिंदी ने अब बाजारों की ओर रुख कर दिया है। बांकेबिहारी मंदिर मार्ग और राधावल्लभ जाने वाले मार्ग में यमुना का पानी पहुंच गया है। यहां घुटनों तक पानी भरा है, जिससे कारोबार प्रभावित हो गया है। दुकानदारों को अपनी प्रतिष्ठानों को बंद करना पड़ा है। पानी का निकास न होने के कारण गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। दुकानों में पानी भरने से अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन हर तरीके से इंतजाम कर रहा है। समाजसेवी भी मदद को आगे आए हैं, लेकिन बाढ़ से कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। दुकानों को बंद रखना पड़ रहा है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 48 जिले बाढ़ की चपेट में है।
दिल्ली में घटने लगा जल स्तर
हालांकि राहत की खबर ये है कि नई दिल्ली में मंगलवार सुबह 6 बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 204.96 मीटर दर्ज किया गया। यह धीरे-धीरे घटते हुए अब चेतावनी स्तर 204.50 मीटर के करीब पहुंच रहा है। तीन दिन वाटर लेवल डेंजर लेवल 205 मीटर के पॉइंट को पार करके 208 मीटर तक पहुंचा था।
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