Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_खास_खबर: महाआर्यमन सिंधिया बने MPCA अध्यक्ष, पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया का लिया आशीर्वाद, खजराना गणेश के दर्शन कर सिंधिया ने की दौरे की शुरुआत

मंगलवार, 2 सितंबर 2025

/ by Vipin Shukla Mama
Indore इंदौर। महाआर्यमन सिंधिया MPCA के निर्विरोध अध्यक्ष बन गए हैं, अध्यक्ष बनते ही पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया से आशीर्वाद लिया, महाराज सिंधिया ने भी उन्हें बधाई दी। आज हुए चुनाव में सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुन लिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया है। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पूर्व में MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं। महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर के शाही सिंधिया राजवंश के वारिस हैं और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे हैं। उनका जन्म 17 नवंबर 1995 को हुआ था और उनकी उम्र 2025 तक 29 वर्ष है। वह ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया के इकलौते बेटे हैं। महाआर्यमन ने दून स्कूल, देहरादून से शुरुआती पढ़ाई की और येल यूनिवर्सिटी, अमेरिका से एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने राजनीति से हटकर उद्यमिता को चुना और मायमंडी नामक एक कृषि स्टार्टअप की सह-स्थापना की, जो सब्जियों की खरीद, पैकिंग और वितरण पर केंद्रित है। यह स्टार्टअप आगरा, ग्वालियर, नागपुर और जयपुर में सक्रिय है और प्रति माह करोड़ों की कमाई करता है। 2 सितंबर 2025 को उन्हें मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के सबसे युवा अध्यक्ष के तौर पर निर्विरोध चुना गया है। उनके दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं, जिससे वह इस भूमिका में तीसरी पीढ़ी हैं। महाआर्यमन ने 2023 में स्पष्ट किया था कि उनकी अभी राजनीति में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन वह सामाजिक बदलाव के लिए काम करना चाहते हैं। महाआर्यमन ग्वालियर के जय विलास पैलेस में रहते हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 4,000 करोड़ रुपये है। महाआर्यमन सिंधिया शाही विरासत, आधुनिक शिक्षा और सामाजिक-उद्यमी गतिविधियों का मिश्रण हैं, जो क्रिकेट और स्टार्टअप के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुड़े रहते हैं और हाल ही में यूएई में अबूधाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर के दर्शन के लिए गए थे।
खजराना गणेश मंदिर में किए दर्शन
मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और महाआर्यमन सिंधिया ने इंदौर के देश भर में प्रसिद्ध खजराना गणेश के दर्शन किए। उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट उनके साथ रहे।
*सिंधिया ने कार्यकर्ताओं को दिया सेवा का मूल मंत्र, बैठक में संगठन की नीतियों का बनाया गया खाका
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने इंदौर प्रवास की शुरुआत आज मंगलवार को खजराना स्थित सिद्धिविनायक गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना से की। गणेशोत्सव के इस पावन अवसर पर उन्होंने प्रभु श्री गणेश जी के चरणों में नमन कर राष्ट्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की मंगलकामना कीं। ज्ञात रहे सिंधिया अपने 2 दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे है। खजराना गणेश जी दर्शन करने के बाद सिंधिया ने कहा कि हर शुभ कार्य से पूर्व प्रभु का आशीर्वाद लेना न केवल उनकी परंपरा, बल्कि उनकी पारिवारिक विरासत और व्यक्तिगत आस्था का भी अभिन्न हिस्सा है।
यह सर्वविदित है कि सिंधिया राजघराने में गणेशोत्सव धूमधाम से मनाने की ऐतिहासिक परंपरा रही है। गणेश चतुर्थी का वर्तमान स्वरूप 1892 में ग्वालियर में शुरू हुआ था और इसी स्वरूप से प्रेरणा लेकर बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव आयोजन को स्वतंत्रता के संग्राम से जोड़ा था। स्वर्गीय महाराज जीवाजीराव सिंधिया ने गणेश चतुर्थी की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ग्वालियर टाउन हॉल में बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें डॉ. रवीन्द्रनाथ टैगोर, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, पं. मदनमोहन मालवीय और डॉ. बालकृष्ण शिवराम मुंजे जैसे महान विद्वान शामिल हुए थे। इस प्रकार गणेशोत्सव न केवल आस्था का पर्व रहा, बल्कि समाज में ज्ञान, विवेक और जनजागरण का माध्यम भी बना। आज भी सिंधिया परिवार पूरे हर्षोल्लास और परंपरागत आस्था के साथ गणेशोत्सव मनाता आ रहा है। 
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने प्रवास के दौरान भाजपा कार्यालय में मंडल एवं जिला अध्यक्षों, विधायकों तथा संगठन की नई और पुरानी टीमों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान उन्होंने 'सेवा' को भारतीय जनता पार्टी का केवल नारा नहीं, बल्कि कार्य करने की मूल संस्कृति बताया और कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता का सर्वप्रथम धर्म जनसेवा और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पित है। साथ ही सिंधिया ने नीति निर्धारण, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और जन संवाद के माध्यम से पार्टी की विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
*मोदी सरकार ने पूरा किया डॉ मुखर्जी और राजमाता सिंधिया का एक देश एक विधान का सपना
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राजमाता विजयराजे सिंधिया ने मिलकर जनसंघ का बीज बोया था जो आज अंकुरित होकर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा रूपी वट वृक्ष का रूप ले चुका है। भाजपा ही एक ऐसा संगठन है जो तमाम कठिनाइयों के बावजूद अपनी विचारधारा से डिगा नहीं है। डॉ मुखर्जी और राजमाता सिंधिया ने देश में एक देश-एक विधान-एक प्रधान के मंत्र को लागू करने का सपना देखा था और गृहमंत्री जी की रणनीतियों से आखिरकार 370 की दीवार की टूट गई। आज जम्मू कश्मीर भारत के साथ मुख्यधारा में जुड़ कर उन्नति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। 
*जनसेवा है हर कार्यकर्ता का प्रथम धर्म
सिंधिया ने कार्यकर्ताओं को सेवा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने जनसेवा, साधना और समर्पण के माध्यम से सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। भाजपा का हर कार्यकर्ता, बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक, “जनसेवा” को ही अपना प्रथम धर्म मानता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों सहित भाजपा का हर कार्यकर्ता धरातल पर संगठन का चेहरा हैं। इसलिए हर कार्यकर्ता को जनता की हरसंभव निस्वार्थ सेवा और उनकी समस्याओं के समाधान कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए समर्पित रहना होगा। 
प्रधानमंत्री जी के पांच प्रणों को जन जन तक पहुंचाना है सबका दायित्व
केन्द्रीय मंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए हर मंडल और जिला अध्यक्ष योद्धा की तरह कार्य करे और भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाए। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के नागरिकों को दिए गए पांच प्रण - विकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता, तथा नागरिक कर्तव्य का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन पाँच प्राणों को घर-घर तक पहुँचाना हर कार्यकर्ता का दायित्व है। भाजपा कार्यकर्ता केवल प्रचारक नहीं, बल्कि समाज में परिवर्तन के जीवंत उदाहरण हैं।
बैठक में संगठन की नीतियों, सेवा ही संगठन की भावना, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से निरंतर जनसेवा, राष्ट्रनिर्माण और प्रधानमंत्री जी के सपनों को साकार करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।













कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129