शिवपुरी। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज शिवपुरी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद द्वारा पारित ‘वीबीजी रामजी बिल’ के प्रमुख प्रावधानों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 21वीं सदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न का ठोस परिणाम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पारदर्शिता, दक्षता और स्थायित्व प्रदान करेगा।
*25% अधिक रोजगार और राज्यों को आवश्यक लचीलापन
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि नए प्रावधानों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिनों की संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, राज्य सरकारों को यह लचीलापन (Flexibility) दिया गया है कि वे बुवाई जैसे मौसमों में जब कार्य की आवश्यकता कम होती है, रोजगार को समायोजित कर, आवश्यकता के समय अधिक अवसर उपलब्ध करा सकें, ताकि श्रमिकों को समय पर काम मिल सके।
*डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश
पूर्ववर्ती वर्षों में सामने आए घोटालों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले मैनुअल श्रम के नाम पर मशीनों के उपयोग जैसी अनियमितताओं से भ्रष्टाचार पनपता था। अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटलीकरण और डिजिटल ऑडिट से जोड़ा गया है। प्रत्येक कार्य का निरीक्षण डिजिटल माध्यम से होगा, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी और मैनुअल हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त होगा।
*समयबद्ध भुगतान, जवाबदेही तय
सिंधिया ने बताया कि श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिल में भुगतान की समय-सीमा को सख्ती से लागू किया गया है। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की देरी की स्थिति में संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।











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