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#धमाका_न्यूज: जनता से शामिल होने की अपील, UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नये नियम "Equity Regulation" के विरोध में कल कलेक्टर को देंगे ज्ञापन, 3.30 बजे माधव चौक से जाएंगे कलेक्ट्रेट 4 बजे देंगे ज्ञापन

सोमवार, 26 जनवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) का नया नियम "Equity Regulation" लाए जाने के विरोध में मंगलवार को शिवपुरी की आवाम एक जुट होने जा रही है। दोपहर 3.30 बजे माधव चौक पर सभी एकत्रित होकर कोर्ट रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे जहां ज्ञापन दिया जाएगा। बता दें कि सवर्ण छात्र-छात्राओं और प्रोफेसरों के विरुद्ध UGC का 'काला कानून' आ रहा है इसलिए अब जागना ही होगा! 
सरल शब्दों में समझें: क्या है यह कानून और शिकायत कैसे होगी?
UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) एक नया नियम "Equity Regulation" ला रहा है। इसके तहत SC, ST और OBC वर्ग का कोई भी छात्र या उसके माता-पिता, सवर्ण (सामान्य वर्ग) के किसी भी छात्र या शिक्षक के खिलाफ "भेदभाव" की शिकायत कर सकते हैं। यह शिकायत ऑनलाइन, ईमेल या चिट्ठी के जरिए सीधे की जा सकती है।
किस तरह के आरोप (भेदभाव) लगाए जा सकते हैं?
इसमें जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच का व्यवहार, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, या सवर्ण प्रोफेसर द्वारा किसी छात्र को कम नंबर देना—इन सभी को 'भेदभाव' बताकर SC, ST और OBC छात्र या उनके माता-पिता शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
🔴 सवर्ण समाज इस कानून का पुरजोर विरोध क्यों करे?
1. झूठी शिकायत की खुली छूट: यदि SC, ST या OBC छात्र या उनके माता-पिता हमारे बच्चों पर भेदभाव का झूठा और फर्जी आरोप लगाते हैं, और जाँच में वह झूठ पकड़ा भी जाता है, तो भी झूठ बोलने वाले पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। यह हमारे बच्चों को केवल 'जाति' के नाम पर फंसाने का लाइसेंस है।
2. ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण का खतरा: इस कानून की आड़ में असामाजिक तत्व हमारे बच्चों को डराएंगे। झूठी शिकायत और करियर बर्बाद करने की धमकी देकर सवर्ण छात्र-छात्राओं को ब्लैकमेल किया जाएगा और उनका यौन शोषण (Sexual Harassment) तक किया जा सकता है। यह कानून हमारी बहू-बेटियों की इज्जत को खतरे में डाल देगा।
3. पक्षपाती फैसला (कमेटी): शिकायतों का फैसला करने वाली कमेटी में केवल आरक्षित वर्गों के सदस्य होंगे, सवर्ण समाज का एक भी प्रतिनिधि नहीं होगा। जब जज और वकील सब उनके होंगे, तो हमारे बच्चों को निष्पक्ष न्याय कभी नहीं मिलेगा।
4. कॉलेजों की मजबूरी: UGC ने नियम बनाया है कि यदि कॉलेज प्रशासन सवर्ण छात्र या शिक्षक पर सख्त कार्यवाही नहीं करेगा, तो कॉलेज का सरकारी फंड काट दिया जाएगा। अपनी ग्रांट बचाने के लिए कॉलेज हमारे निर्दोष बच्चों की बलि चढ़ाएगा।
 निर्णायक आह्वान: चलो कलेक्ट्रेट!
अपने बच्चों के भविष्य, सम्मान और उनकी सुरक्षा के लिए हमें एकजुट होना ही होगा।
तारीख: 27 जनवरी 2026 (
एकत्रीकरण 3:30 बजे शिवपुरी टॉकीज माधव चौक 
ज्ञापन कलेक्ट परिसर समय 4:00 बजे।












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