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#धमाका_न्यूज: फोटो स्टेट कॉपी की मशीन के लिए उधार ऋण ना चुकाने पर आरोपी मोहनलाल को 6 माह का कारावास एवं 2,68,300 रूपये प्रतिकर की सजा

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
*प्रतिकर अदा ना करने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास तथा न्याय शुल्क एवं व्यय अदा करने पर 15 दिवस का अतिरिक्त कारावास की सजा से किया दण्डित
शिवपुरी। फोटो स्टेट के कारोबार को लेकर बतौर उधार ऋण लेने वाले अभियुक्त ने राशि प्रदाय करने हेतु दिया गया चैक बाउंस हो गया और जब उक्त राशि को परिवादी ने अपने माध्यम से मांगी तो अभियुक्त के द्वारा नहीं दी गई। जिस पर परिवादी ने अपने द्वारा दी गई राशि को प्राप्त करने के लिए अपने अधिवक्ता एड. गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से माननीय न्यायालय की शरण लेकर प्राप्त करने की गुहार लगाई जिस पर माननीय न्यायालय के द्वारा अभियुक्त को ना केवल उक्त उधार दी गई राशि के रूप में 2 लाख 68 हजार 300 रूपये बल्कि न्याय शुल्क सहित 8300 रूपये की राशि का जुर्माना लगाते हुए 6 माह का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया गया। उधार लेकर ऋण को नहीं चुकाने वाले आरोपी को माननीय प्रत्यक्ष कुलेश न्यायिक मजिस्टे्रट प्रथम श्रेणी जिला शिवपुरी के द्वारा अभियुक्त को धारा 138 परक्राम्य लिखित अधि. के अंतर्गत दोषी पाते हुए उक्त सजा से दण्डित किया। 
परिवाद के अनुसार अभियुक्त अखिल नंदेश्वर फोटो स्टेट प्रो. मोहन लाल शर्मा निवासी शिवपुरी ने फरियादी नीरज जैन निवासी फतेहपुर रोड़ शिवपुरी से परिचित होने के चलते अपनी पारिवारिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं के रूप में बड़ी फोटोकॉपी मशीन खरीदने के लिए राशि 1 लाख 70 हजार रूपये बतौर उधार ऋण के रूप में दिनांक 15.01.2021 को लिए थे, जिसके एवज में अभियुक्त मोहन लाल शर्मा ने परिवादी नीरज जैन को भुगतान हेतु आगामी दिनांक का चैक भुगतान हेतु दिया था, परिवादी नीरज जैन ने उक्त चैक भुगतान हेतु अपने बैंक में जमा किया तो अपर्याप्त राशि की टीप के साथ चैक बैंक द्वारा फरियादी नीरज जैन को वापिस कर दिया गया। उक्त चैक बाउंस होने की सूचना तथा चैक राशि की मांग हेतु अपने अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से परिवादी नीरज जैन ने अभियुक्त मोहन लाल शर्मा को सूचना पत्र रजिस्टर्ड डाक से भिजवाया था किन्तु अभियुक्त को सूचना पत्र प्राप्त होने के पश्चात भी चैक राशि का अभियुक्त मोहन लाल शर्मा ने भुगतान नहीं किया। फिर उक्त चैक राशि को प्राप्त करने के लिए परिवादी नीरज जैन ने अपने अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से परिवाद पत्र धारा 138 परक्राम लिखित अधिनियम के तहत माननीय न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। करीब 7 वर्ष बाद उक्त प्रकरण में आए साक्ष्य के उपरांत माननीय प्रत्यक्षा कुलेश न्यायिक मजिस्टे्ट प्रथम श्रेणी जिला शिवपुरी ने अभियुक्त मोहन लाल शर्मा को धारा 138 में दोषी पाते हुए 6 माह का सश्रम कारावास एवं 2 लाख 68 हजार 300 रूपये प्रतिकर से एवं परिवादी द्वारा किए गए व्यय में न्याय शुल्क एवं 500 रूपये 8300 रूपये से अदा करने का ना करने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास एवं न्याय शुल्क प्रकरण व्यय भी अदा ना करने पर 15 दिवस का सश्रम करावास की सजा से आरोपी को दण्डित किया गया है। इस प्रकरण में परिवादी की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के साथ सहयोगी अधिवक्ता अशपाक खान, अजय शाक्य के द्वारा की गई।












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