Responsive Ad Slot

Latest

latest

#धमाका_न्यूज: कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाकर दुकान खाली कराने का प्रयास, पीड़ित ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। शहर के कोर्ट रोड स्थित सब्जी मण्डी क्षेत्र में एक किरायेदार और दुकान स्वामी के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। 40 वर्षों से दुकान संचालित कर रहे एक व्यवसायी ने दुकान मालिक पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने, गुंडों के माध्यम से दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचकर न्याय की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
सईसपुरा निवासी नसीम अहमद पुत्र स्व. लतीफ खां ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे आवेदन में बताया कि वह पिछले 40 वर्षों से कोर्ट रोड सब्जी मण्डी के पास 'अजंता कढ़ाई' के नाम से अपनी दुकान चला रहे हैं। इस दुकान की मालिक कमला वर्मा और उनका पुत्र दिव्यांश वर्मा हैं। नसीम का दावा है कि उन्होंने दिसंबर 2025 तक का किराया अग्रिम जमा कर दिया है, इसके बावजूद उन्हें जबरन बेदखल करने की कोशिश की जा रही है।
न्यायालय का है स्थगन आदेश
शिकायतकर्ता के अनुसार, दुकान खाली कराने का यह विवाद पुराना है। पूर्व में भी जब मकान मालिक ने बलपूर्वक दुकान खाली करानी चाही थी, तब नसीम अहमद ने न्यायालय की शरण ली थी। प्रकरण क्रमांक 97ए/2004 ई.दी. पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 01 अप्रैल 2005 को आदेश जारी किया था कि मकान मालिक बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के, बलपूर्वक दुकान खाली नहीं करा सकेगा।
गुंडों के दम पर धमकी देने का आरोप
पीड़ित नसीम अहमद का आरोप है कि अब दुकान स्वामी कमला वर्मा और उनका पुत्र दिव्यांश वर्मा कोर्ट के उस आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि आरोपी घर पर गुंडों को बुलाकर दबाव बनवा रहे हैं और नसीम अहमद व उनके भाई शौकीन अहमद को झूठे केस में फंसाने व जान से मरवा देने की धमकी दे रहे हैं।
"मैं 40 साल से यहाँ काम कर रहा हूँ और किराया भी समय पर दे रहा हूँ। कोर्ट का स्टे होने के बावजूद मुझे और मेरे परिवार को डराया जा रहा है। हमें जान का खतरा बना हुआ है।" — नसीम अहमद, पीड़ित व्यवसायी
कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें पाबंद किया जाए ताकि वे बलपूर्वक दुकान खाली न करा सकें। आवेदन के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति और किराया रसीदें भी संलग्न की गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।












कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved by Vipin Shukla @ 2020
made with by rohit Bansal 9993475129