उपरोक्त बयान हाल ही ने माधव टाइगर रिजर्व की ओर से जारी किया गया है। यानि कि साफ है कि भालू के हमले या टाइग्रेस के हमले की शंका के बीच आदिवासी सरमन अब इस दुनिया में नहीं है। इधर आज सुबह जैसे ही मीडिया ने एरावन में लाश मिलने की खबर दी उधर ग्रामीण एकत्रित होकर सड़क पर चक्का जाम करने लगे। उन्होंने टाइगर के हमले पर कड़ा एतराज किया और कहा कि हमारी फसल नष्ट हो रही है। हम जड़ीबूटी लेने जंगल नहीं जा पा रहे उस ओर टाइगर की मौजूदगी ग्रामीण आबादी की तरफ होने से जान का खतरा उत्पन्न हो गया है।
पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने की एंट्री
माधव टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर हरिओम और पुलिस एसडीओपी संजय चतुर्वेदी आदि मौके पर पहुंचे। ग्रामीण गुस्से में थे। विधायक ने ग्रामीणों की जान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की, साथ की मुआवजा और नौकरी की शर्त रखी। जिसके बाद 8 लाख मुआवजा देने और नौकरी देने का ऐलान किया गया है। तब जाकर जाम हटा।
सीएम, सिंधिया, कलेक्टर से अपील, कुछ ठोस कार्रवाई कीजिए अन्यथा करूंगा आंदोलन
विधायक कैलाश ने कहा कि जिले के वन अधिकारियों ने कोई प्लान नहीं बनाया। कैसे वन्य जीव आबादी की तरफ आते हैं। क्या ग्रामीणों को भय पैदा कर ग्राम खाली करवाना है तो उनको मुआवजा दीजिए। अगर कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई तो हम आंदोलन करेंगे। उन्होंने पूछा कि क्या जानवर की कीमत इंसान से अधिक है?













सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें