सचिन चौहान ने कहा
इधर इंजीनियर और मड़ीखेड़ा पेयजल प्रभारी सचिन चौहान ने बताया कि एक मोटर पहले से खराब थी दूसरी मोटर और खराब हो गई।
इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासन और नागरिकों के स्तर पर निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:
प्रशासनिक और सुरक्षा कदम, सीसीटीवी निगरानी:
फिल्टर प्लांट और इंटकवेल क्षेत्र में तुरंत सीसीटीवी कैमरे चालू किए जाएं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
सुरक्षा गार्ड की तैनाती:
संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे कड़े सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं ताकि उपद्रवियों को रोका जा सके।
मॉक ड्रिल और मेंटेनेंस:
मोटरों के बैकअप (स्पेयर पार्ट्स) की व्यवस्था हमेशा तैयार रखी जाए ताकि खराबी होने पर घंटों में सुधार हो सके।
पुलिस जांच:
इस कथित तोड़फोड़ (Sabotage) के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर पुलिसिया कार्रवाई की जानी चाहिए।
तत्काल जल संकट से निपटने के उपायटैंकरों से सप्लाई:
जिन इलाकों में पानी की सप्लाई ठप है, वहां नगर पालिका द्वारा आपातकालीन टैंकरों के माध्यम से निशुल्क पानी पहुंचाया जाना चाहिए।
वैकल्पिक स्रोत: शहर के पुराने कुओं, बावड़ियों और ट्यूबवेल को सक्रिय कर अस्थायी रूप से राहत दी जा सकती है।
नागरिकों के लिए सुझावपानी का संचय: जब भी पानी आए, उसे सीमित मात्रा में और समझदारी से खर्च करें।शिकायत दर्ज करें: यदि आपके इलाके में पानी की गंभीर समस्या है, तो नगर पालिका के हेल्पलाइन नंबर या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
नगर पालिका जल प्रदाय हेल्पलाइन नंबरशिवपुरी कलेक्टर के निर्देशानुसार जल प्रदाय से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या टैंकर मंगवाने के लिए कंट्रोल रूम का विशेष मोबाइल नंबर 9202140627 जारी किया गया है। आप इसके अलावा सामान्य शिकायतों के लिए इन माध्यमों का उपयोग भी कर सकते हैं।














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