इस पूरे विवाद में अब कांग्रेस के पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह की भी एंट्री हो गई है, जिन्होंने इस बहाने भाजपा सरकार और सिंधिया गुट को आड़े हाथों लिया है। कुल मिलाकर यह मामला अब मध्य प्रदेश की सियासत में तूल पकड़ चुका है, क्योंकि विधायक पन्नालाल शाक्य अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं और उनके इस सीधे हमले ने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री द ग्रेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुट पर हमला बोल दिया है।
विधायक पन्नालाल शाक्य का तीखा हमला
गुना शहर में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और जनता की शिकायतों को लेकर विधायक पन्नालाल शाक्य शनिवार को भारी संख्या में स्थानीय लोगों और किसानों को साथ लेकर अचानक बिजली कंपनी के कार्यालय (जीएम दफ्तर) का घेराव करने पहुंचे। वहां अधिकारियों को जमकर लताड़ने के बाद जब उन्होंने मीडिया से बात की, तो अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर तीखी भड़ास निकाली:
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर हमला: पन्नालाल शाक्य ने ऊर्जा मंत्री को 'नाकारा' बताते हुए उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "जनता को दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि काम करने वाला जनसेवक चाहिए। वो ऊर्जा मंत्री तो भगवान का बंदा है, जो कभी बिजली के पोल पर चढ़ जाते हैं तो कभी नाली में उतर जाते हैं, लेकिन इससे जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से भोपाल जाकर अनुरोध करूंगा कि ऐसे नाकारा मंत्री को तत्काल पद से हटाएं, जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।"
प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर अपमान का आरोप:
शाक्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा, "प्रभारी मंत्री खुद को केंद्रीय मंत्री और क्षेत्र के प्रभावशाली नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (महाराज) से भी बड़ा समझते हैं। हवाई पट्टी पर एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुझे 'चलो हटो' कहकर धक्के से एक तरफ कर दिया था। ऐसे मंत्रियों को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।"
कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह का पलटवार:
भाजपा विधायक के इस खुले विद्रोह के बाद कांग्रेस को सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भाजपा की आंतरिक कलह और सिंधिया समर्थकों पर तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है:मंत्रियों की 'नौटंकी' और अहंकार उजागर: जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो बात कांग्रेस हमेशा से कहती आ रही थी, आज वही बात भाजपा के अपने ही वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहे हैं।
महाराज के मंत्रियों पर साधा निशाना: उन्होंने कहा कि सिंधिया जी (महाराज) के साथ जो नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे, वे आज पूरी तरह से अहंकार में डूबे हुए हैं। जनता बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और इनके जिम्मेदार मंत्री सिर्फ जमीनी काम करने के बजाय पोल पर चढ़ने और नालियों की सफाई करने जैसी 'नौटंकी और दिखावा' कर रहे हैं।
सिंधिया गुट बनाम मूल भाजपा की लड़ाई:
जयवर्धन सिंह ने आगे जोड़ा कि गुना-ग्वालियर अंचल में अब 'मूल भाजपा' बनाम 'सिंधिया समर्थक' (महाराज गुट) की जंग खुलकर सामने आ गई है। जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा और सुनवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है।














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