पोर्टल पर आवेदन करते समय आवेदकों से आर सी आई (RCI) से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा के बारे में "हां/ना " के विकल्प पूछे थे।तमाम आवेदकों ने हाँ का विकल्प भर दिया क्योंकि ऐसे प्रमाण पत्र पर उन्हें 05 बोनस अंक मिलने थे। नतीजतन मप्र में जितने अभ्यर्थियों पर आरसीआई के वैध डिप्लोमा प्रमाण पत्र थे ही नही उससे अधिक अभ्यर्थियों के नाम बोनस अंक के आधार पर मैरिट में आ गए। दिव्यांग जन आयुक्त भोपाल डॉ अजय खेमरिया ने बताया कि आयुक्त कार्यालय को इस विसंगति के बारे में अनेक लिखित शिकायत प्राप्त हुईं।
आयुक्त न्यायालय से माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के अलावा प्रमुख सचिव शिक्षा एवं कर्मचारी चयन मंडल को 24 मार्च 2026 को पत्र लिखकर इस त्रुटि सुधार के लिए ध्यान आकृष्ट किया गया।
मप्र शिक्षा विभाग ने उच्च न्यायालय और आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय के निर्देश अनुसार अब इस विसंगति को सुधारने के आदेश दिए है।
जिन अभ्यर्थियों ने बिना आरसीआई डिप्लोमा के आवेदन में "हाँ "विकल्प भर दिया था उन्हें अब पोर्टल पर अपने वैलिड आरसीआई पंजीयन की कॉपी अपलोड करनी पड़ेगी।इसके लिए 24 जून से 08 जुलाई तक ईएसबी का पोर्टल खोला गया है।
जिन अभ्यर्थियों के द्वारा ये प्रमाण पत्र अपलोड नही होंगे वे वर्तमान मैरिट लिस्ट से बाहर हो जायेंगे और दिव्यांग बच्चों के शिक्षण लिए वास्तविक पात्र अभ्यर्थी ही अब विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) बन सकेंगे।
Dr Mohan Yadav
Narayan Singh Kushwah
Social Justice and Disabled Welfare Department ,Madhya Pradesh














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