शिवपुरी। अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष की शिवपुरी इकाई द्वारा वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित की अध्यक्षता में महिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी के निवास पर हाथी खाना में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पूर्व स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आजादी का बिगुल बजाकर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थी। उन्होंने 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति पाई थी। रानी लक्ष्मीबाई का साहस आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा है।
जिला अध्यक्ष पंडित बालमुकुंद पुरोहित ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और राव साहब के साथ मिलकर ग्वालियर किले पर कब्जा कर चुकी थीं। 17-18 जून 1858 को ब्रिटिश जनरल ह्यू रोज़ की सेना से भयंकर युद्ध हुआ।
18 जून को घुड़सवार सेना का नेतृत्व करते हुए रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र दामोदर राव को पीठ पर बांधकर युद्ध किया था। अंग्रेजों के हाथ न आएं इसलिए एक साधु ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने सिर्फ 29 साल की उम्र में देश के लिए बलिदान किया, उनका प्रसिद्ध नारा था,, मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी,, झांसी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। आज नारी के उत्थान के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलना होगा, नारी को सशक्त बनाना होगा। आज की नारी अबला नहीं सबला है।
महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से तीर चलाना, तलवार चलाना और युद्ध कला कौशल सीखा था। मात्र 29 साल की अवस्था में
देश के लिए प्राण त्याग दिए।
पंडित तरुण शर्मा ने कहा कि हमारी शिक्षा संस्कारों को देने वाली होनी चाहिए। केवल पैसे कमाने के लिए या दूसरे को ठगने के लिए नहीं होना चाहिए। आज संस्कारवान और चरित्रवान की जगह चरित्रहीन धनवान का आदर किया जा रहा है। यह देश के लिए बहुत दुखदाई है।
युवा अध्यक्ष पंडित गौरव कृष्ण भार्गव,
सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे ने समाज की एकता पर बल दिया। बच्चों को संस्कार देने पर जोर दिया। सरकार भी समाज को बांटने का काम न करें।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, जिला अध्यक्ष बालमुकुंद पुरोहित, महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, श्रीमती प्रभा शर्मा, श्रीमती राजकुमारी शर्मा, पंडित मानसी पुरोहित, पंडित रोहिणी दुबे, पंडित रोशनी दुबे, पंडित अभिमन्यु शर्मा, पंडित प्रखर शर्मा, युवा अध्यक्ष गौरव कृष्ण भार्गव, युवा उपाध्यक्ष दीपेश पुरोहित, पंडित मोहित दुबे, पंडित अनुज दुबे, पंडित तरुण शर्मा, पंडित रामकुमार पाराशर खजूरी वाले, पंडित आयुष त्रिपाठी, पंडित ज्ञान प्रकाश दुबे, वरिष्ठ स्काउट कमिश्नर प्रेम प्रकाश शर्मा, सलाहकार कैलाश नारायण मुद्गल, उपाध्यक्ष हरवंश त्रिवेदी, पंडित प्रमोद शर्मा, एडवोकेट वरुण शर्मा , हरिशंकर गुप्ता, अमर सिंह रावत उपस्थित रहे। पंडित हरिवंश त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। श्रीमती कृष्णा त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।













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