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#mamakadhamakanews: देश भर में मचे एथेनॉल घमासान के बीच सीनियर एडवोकेट राजीव शर्मा ने देश के पीएम नरेंद्र मोदी जी को लिखा पत्र "BS-4 और BS-6 Phase-1 वाहनों के लिए जिला स्तर पर शुद्ध (बिना इथेनॉल मिलावट वाले) पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए", यू ट्यूब पर वीडियो भी किया अपलोड, दस लाख लोग देख चुके

मंगलवार, 14 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। देश भर में एथेनॉल पेट्रोल और उससे वाहन में खराबी की चर्चाओं का दौर जारी है। हर प्लेटफॉर्म पर इसी विषय पर बहस छिड़ी हुई है लेकिन सरकार की तरफ से कोई दलील नहीं दी जा रही हां एक दिन पहले देश के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का बयान देखने मिला जिसमें उन्होंने कहा कि वाहन की गारंटी कम्पनी देती है, बीमा भी होता है अगर कोई खराबी आती भी है तो कंपनी की जिम्मेदारी है उसे ठीक करके दे। उनका कहना था कि फिलहाल सिर्फ दावे किए जा रहे हैं उन्हें कोई भी वाहन खराब नहीं मिला। इधर एक और बयान उनका अपने बेटे को लेकर आया है, जिसमें उसकी आय की भ्रामक जानकारी देने को लेकर उन्होंने मानहानि का दावा करने की बात कही है। खैर इस सबसे अहम सवाल ये है कि एथेनॉल को लेकर हर तरफ चर्चा है और निष्कर्ष किसी के पास नहीं। दरअसल इसी मुख्य वजह को ध्यान में रखते हुए शिवपुरी जिले के वरिष्ठ एडवोकेट राजीव शर्मा ने देश के पीएम, पेट्रोलियम मंत्री सहित अनेक प्रतिष्ठित जिम्मेदारों को इसी विषय को लेकर पत्र लिखा है जिसमें BS-4 और BS-6 Phase-1 वाहनों के लिए जिला स्तर पर शुद्ध (बिना इथेनॉल मिलावट वाले) पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध किया है। साथ ही देश के लोगों से अपील की है कि सिर्फ बातों से काम बनने वाला नहीं है इसलिए धरातल पर देश के जिम्मेदार लोगों से पत्राचार कर आपत्ति दर्ज करवाए जिससे सरकार को जवाब देने पर मजबूर होना पड़े।
आइए देखिए क्या लिखा है पत्र
सेवा में,
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली।
विषय: BS-4 और BS-6 Phase-1 वाहनों के लिए जिला स्तर पर शुद्ध (बिना इथेनॉल मिलावट वाले) पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध ।
महोदय,
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान देश के करोड़ों वाहन मालिकों की एक गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो BS-4 और BS-6 Phase-1 मानकों वाले वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।
सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (जैसे E20) को बढ़ावा देना एक सराहनीय कदम है। हालांकि, इस नीति के कारण पुराने वाहनों के मालिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन पुराने वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम (ईंधन प्रणाली) उच्च इथेनॉल मिश्रण को झेलने के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप इंजनों में खराबी, पाइपलाइन का गलना, माइलेज में भारी कमी और रखरखाव (मेंटेनेंस) का खर्च बहुत अधिक बढ़ गया है। करोड़ों आम नागरिकों और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए तुरंत नया वाहन खरीदना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। अतः उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और उनके वाहनों को समय से पहले कबाड़ होने से बचाने के लिए मेरा आपसे विनम अनुरोध है किः देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक सरकारी तेल कंपनी (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) के फ्यूल स्टेशन पर शुद्ध, बिना इथेनॉल मिलावट वाले पेट्रोल के लिए एक समर्पित नोज़ल पंप की व्यवस्था की जाए।
इससे पुराने वाहनों के इंजन सुरक्षित रहेंगे और आम जनता पर मेंटेनेंस का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि आप आम जनता की इस व्यावहारिक समस्या पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और संबंधित विभाग को उचित कदम उठाने के निर्देश देंगे।
धन्यवाद। 
भवदीय,
राजीव शर्मा अधिवक्ता
प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषितः
1. माननीय मंत्री जी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली।
यू ट्यूब पर भी बुलंद की आवाज
एडवोकेट राजीव शर्मा ज्वलंत विषयों को प्रखर तरीके से उठाते रहते हैं। एथेनॉल को लेकर भी उन्होंने वीडियो शूट किया है जिसे आज मंगलवार की सुबह तक दस लाख लोग देख सुन चुके हैं।
यू ट्यूब की इस लिंक पर क्लिक कीजिए।अगर आपको भी खास बातें सुनना हों तो ऊपर दी गई लिंक पर क्लिक कर सकते हैं। 

















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