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#mamakadhamakanews: ढाई साल बाद भी साइबर ठगी का निपटारा नहीं, पीड़ित छात्र का CIBIL स्कोर खराब; MBA की पढ़ाई और करियर पर संकट

मंगलवार, 21 जुलाई 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। भारत सरकार भले ही आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लाख जतन करे या फिर मोबाइल पर भी अलर्ट जारी करे लेकिन सरकार के मातहत इसे गम्भीरता से कतई नहीं ले रहे ऐसा ही एक मामला जिले के शिवपुरी निवासी एक छात्र नितांत रघुवंशी के साथ पेश आया है। जिसके साथ जनवरी 2024 में हुई साइबर ठगी के मामले में ढाई साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित छात्र ने आज, 21 जुलाई 2026 को जनसुनवाई में कलेक्टर अर्पित वर्मा को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और अपने भविष्य को बचाने की मांग की है।
थाने में जमा है मोबाइल, नहीं मिली प्रगति रिपोर्ट
पीड़ित छात्र ने बताया कि 2 और 3 जनवरी 2024 को उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ था, जिसकी प्राथमिकी (F.I.R क्रमांक 0016) 19 जनवरी 2024 को फिजिकल थाना, शिवपुरी में दर्ज कराई गई थी। जांच के नाम पर पुलिस ने छात्र का मुख्य मोबाइल फोन थाने में जमा करा लिया था। छात्र लगातार थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन ढाई साल बाद भी पुलिस द्वारा केस की प्रगति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
करियर और MBA एडमिशन पर मंडराया संकट
छात्र का एक प्रतिष्ठित कॉलेज में MBA (मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) के लिए चयन हो गया है और उसे ऑफर लेटर भी मिल चुका है। कॉलेज में एडमिशन के लिए उसे 18 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस जमा करनी है। पीड़ित के पिता एक सरकारी शिक्षक हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर होने के कारण वे अचानक इतनी बड़ी रकम चुकाने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
CIBIL स्कोर खराब होने से नहीं मिल रहा एजुकेशन लोन
इस लंबित साइबर ठगी के मामले के कारण बैंकों द्वारा छात्र का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब कर दिया गया है। इसके चलते छात्र को आगे की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन (शिक्षा ऋण) मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर लोन न मिलने से छात्र का एडमिशन रद्द होने और उसका करियर बर्बाद होने की कगार पर है।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित छात्र ने कलेक्टर से अत्यंत विनम्र और भावुक प्रार्थना की है कि उसके भविष्य और करियर को ध्यान में रखते हुए इस केस का जल्द से जल्द निपटारा कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए जाएं। साथ ही, उसका जब्त मोबाइल फोन भी वापस दिलाया जाए ताकि वह अपनी आगे की पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू कर सके।

















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