कलेक्टर के पास पहुँची थीं छात्राएं:
इस आंदोलन की शुरुआत बेहद अनुशासित तरीके से करने का प्रयास किया गया था। मंगलवार दोपहर को सौम्या और श्रुति नाम की दो छात्राएं जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट पहुँचीं। उन्होंने कलेक्टर अर्पित वर्मा से मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की औपचारिक अनुमति मांगी। कलेक्टर ने छात्राओं की बात सुनने के बाद उन्हें इस प्रक्रिया के लिए संबंधित एसडीएम (SDM) के पास जाने के निर्देश दिए।
शाम को माधव चौक पर फूटा आक्रोश:
प्रशासनिक औपचारिकताओं के बीच, शाम होते-होते युवाओं का गुस्सा थमा नहीं और वे माधव चौक पर जमा हो गए। युवाओं का कहना है कि छात्रों पर इस तरह का बल प्रयोग उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, उनका यह विरोध प्रदर्शन अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा। इस आंदोलन के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।
















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