शिवपुरी। जिले में दूध की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर गुरुवार को दूध विक्रेता व्यापारी संघ, शिवपुरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिले में दूध के क्रय-विक्रय की व्यवस्था को वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संचालित करने, फैट एवं एसएनएफ (Fat & SNF) सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई।
संघ ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान समय में शिवपुरी जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act-2006) तथा मध्यप्रदेश शासन के खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। कई स्थानों पर निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के विपरीत दूध का क्रय-विक्रय किया जा रहा है, जिससे न केवल दूध व्यापारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है बल्कि उपभोक्ताओं को भी निर्धारित गुणवत्ता का दूध नहीं मिल पा रहा है।
संघ के अनुसार कुछ दूध उत्पादक निर्धारित फैट एवं एसएनएफ सिस्टम से दूध की जांच कराने के बजाय अन्य तरीकों से दूध की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। कई डेयरियों में फैट सिस्टम पर दूध लेने से इनकार किया जाता है तथा मावा अथवा खोया रिकवरी जैसे गैर-वैज्ञानिक आधारों पर दूध का मूल्य तय किया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा नियमों के विपरीत है। इससे दूध विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और बाजार में गुणवत्ताहीन दूध की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। (देखिए video)
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 तथा FSSAI नियमों के अनुसार दूध की गुणवत्ता का निर्धारण केवल फैट प्रतिशत एवं एसएनएफ प्रतिशत के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इसी प्रकार सभी दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं का FSSAI के अंतर्गत पंजीयन भी अनिवार्य है। बिना पंजीयन अथवा मानक से कम गुणवत्ता वाला दूध बेचना कानून का उल्लंघन है।
दूध विक्रेता व्यापारी संघ ने मांग की है कि जिले के सभी दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं का अनिवार्य FSSAI पंजीयन कराया जाए तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा नियमित रूप से दूध के नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच की जाए। जो लोग मानकों का उल्लंघन करते पाए जाएं, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
संघ ने यह भी मांग की कि जिले में एसडीएम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी टीम गठित की जाए, जो दूध खरीद-बिक्री की व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखे और नियमों का पालन सुनिश्चित कराए। साथ ही शिवपुरी जिले में दूध की खरीद-बिक्री केवल फैट एवं एसएनएफ सिस्टम के आधार पर ही कराई जाए तथा मावा या खोया रिकवरी जैसी गैर-वैज्ञानिक एवं अवैध प्रथाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।
ज्ञापन के अंत में संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं मानक गुणवत्ता का दूध उपलब्ध कराने, दूध व्यापारियों के हितों की रक्षा करने तथा जिले में खाद्य सुरक्षा कानूनों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
















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