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#mamakadhamakanews: मध्यप्रदेश सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर तमिलनाडु की तर्ज पर TET से छूट का प्रस्ताव पारित करे : स्नेह रघुवंशी ( दिल्ली जन्तर मंतर पर होगा 30 को जंगी प्रदर्शन )

गुरुवार, 27 अगस्त 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। तमिलनाडु विधानसभा द्वारा 25 अगस्त 2026 को 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी स्कूल शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से पूर्ण एवं स्थायी छूट दिलाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद मध्यप्रदेश के शिक्षकों में भी उम्मीद जगी है। इसी क्रम में राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष स्नेह रघुवंशी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने तथा तमिलनाडु की तर्ज पर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की है।
स्नेह रघुवंशी ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल की है। मध्यप्रदेश में भी बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुसार पूरी योग्यता के आधार पर नियुक्त होकर वर्षों तक ईमानदारी से सेवाएं दी हैं। ऐसे शिक्षकों पर सेवा के अंतिम पड़ाव में नई पात्रता परीक्षा का भार डालना उनके रोजगार, पदोन्नति एवं सेवा लाभों को प्रभावित कर सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव में प्रमुख बिंदु
1. पूर्ण एवं स्थायी TET छूट की मांग
23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त सरकारी स्कूल शिक्षकों को TET परीक्षा में शामिल होने और उसे उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से पूर्ण एवं स्थायी छूट देने की मांग की गई है।
2. केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह
तमिलनाडु विधानसभा ने केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाकर इन शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत देने का आग्रह किया है।
3. RTE Act की धारा 23 में संशोधन की मांग
प्रस्ताव में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की गई है, ताकि पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET से छूट का वैधानिक प्रावधान सुनिश्चित हो सके।
4. NCTE के माध्यम से स्पष्ट दिशा-निर्देश
तमिलनाडु विधानसभा ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के माध्यम से स्पष्ट आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग की है, जिससे छूट का प्रावधान स्पष्ट रूप से लागू किया जा सके।
5. पदोन्नति पर TET की बाध्यता समाप्त करने की मांग
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि इन शिक्षकों को TET के कारण पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए तथा उन्हें सभी सेवा लाभ निर्बाध रूप से मिलते रहें।
6. सेवा सुरक्षा और आजीविका की रक्षा
तमिलनाडु सरकार ने तर्क दिया कि बड़ी संख्या में शिक्षक 15 से 20 वर्षों तक लगातार सेवा कर चुके हैं और कई शिक्षक सेवानिवृत्ति की आयु के करीब हैं। ऐसे अनुभवी शिक्षकों को इस स्तर पर नई परीक्षा के लिए बाध्य करना उनकी नौकरी की सुरक्षा और आजीविका को प्रभावित कर सकता है।
7. लगभग 3,28,701 शिक्षक प्रभावित
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन के अनुसार राज्य में लगभग 3,28,701 सरकारी स्कूल शिक्षक TET की अनिवार्यता से प्रभावित हो सकते हैं।
8. विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
25 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा ने यह विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। प्रस्ताव को स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने सदन में रखा था।
मध्यप्रदेश में भी हो समान पहल हो , अन्यथा प्रदेश के हजारों शिक्षक 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जंगी प्रदर्शन करेंगे ।
श्री रघुवंशी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं स्कूल शिक्षा मंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश सरकार भी तमिलनाडु विधानसभा की पहल को उदाहरण बनाते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए और 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से पूर्ण एवं स्थायी छूट देने, RTE Act की धारा 23 में आवश्यक संशोधन कराने, NCTE के माध्यम से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कराने तथा पदोन्नति सहित सभी सेवा लाभ सुरक्षित रखने संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजे।
उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन या वर्ग का विषय नहीं, बल्कि वर्षों से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की नौकरी, सम्मान, पदोन्नति और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। मध्यप्रदेश सरकार यदि विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजती है तो इससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की दिशा में मजबूत पहल होगी।
श्री रघुवंशी ने कहा—
“जब तमिलनाडु विधानसभा अपने शिक्षकों के हित में सर्वसम्मति से आवाज उठा सकती है, तो मध्यप्रदेश विधानसभा भी शिक्षकों के हित में उसी प्रकार आगे आए। सरकार विशेष सत्र बुलाकर TET से छूट का प्रस्ताव पारित करे और केंद्र सरकार को भेजे।”
— स्नेह रघुवंशी
जिलाध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ, शिवपुरी।
















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