तकनीकी पैमानों का मज़ाक: न खुदाई, न सही मटेरियल
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच द्वारा कराए जा रहे इस पुलिया निर्माण में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी गई हैं। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिनकी जांच आवश्यक है। हालाकि हम इन आरोप की पुष्टि नहीं करते।
- सीमेंट की भारी चोरी:
- पुलिया में निर्धारित मापदंड से बेहद कम मात्रा में सीमेंट मिलाया जा रहा है, जिससे स्ट्रक्चर अभी से कमजोर दिखने लगा है।
- घटिया दर्जे की सामग्री:
- निर्माण में उपयोग की जा रही सरिया, गिट्टी और मुरम की गुणवत्ता बेहद खराब है।
- जमीन की खुदाई में लापरवाही: पुलिया की नींव मजबूत करने के लिए जमीन की जितनी उचित खुदाई होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई। सीधे तौर पर बिना मजबूत आधार के ही पुलिया खड़ी की जा रही है।
- कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, जनहानि की आशंका
- यह पुलिया ग्राम जामखो और भरका के बीच आवागमन का मुख्य जरिया है, जिस पर रोज सैकड़ों राहगीर और वाहन गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटिया निर्माण के कारण पुलिया कभी भी धंस सकती है। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना और मासूमों की जान जाने का इंतजार कर रहा है? सिस्टम की यह अनदेखी किसी दिन बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
- ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, CEO से की वैधानिक कार्रवाई की मांगइस खुले भ्रष्टाचार के खिलाफ अब समस्त ग्रामवासियों ने लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत शिवपुरी को एक शिकायती पत्र सौंपकर मांग की है कि:
- सक्षम अधिकारियों की टीम भेजकर निर्माण सामग्री और स्ट्रक्चर की विधिवत तकनीकी जांच कराई जाए।
- इस भ्रष्टाचार को तुरंत रोककर पुनः उचित गुणवत्ता के साथ निर्माण शुरू हो।
- लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों और ग्राम सरपंच पर कड़ी वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
















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