लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खंड शिवपुरी के कार्यपालन यंत्री से प्राप्त जानकारी और जिले में अब तक दर्ज औसत वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके साथ ही कृषि कार्यों और सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी नलकूप खनन प्रतिबंध में शिथिलता का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा द्वारा यह राहत प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रस्ताव पर मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 6(1) के तहत निजी नलकूपों के खनन पर रोक लगाई गई थी। साथ ही मध्य प्रदेश पेयजल (संशोधित) अधिनियम 2001 की धारा 4-क-1 के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर जल स्रोतों के अस्थायी अधिग्रहण का प्रावधान भी लागू किया गया था।
















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