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#mamakadhamakanews: ऑनलाइन हाजरी, छुट्टी के वक्त सर्वर क्रैश, बढ़ गया शिक्षकों का पारा, बारिश में आए पसीने

गुरुवार, 13 अगस्त 2026

/ by Vipin Shukla Mama
डिजिटल हाजिरी के फेर में 60 किमी दूर जाने वाले शिक्षक फंसे, रात 9 बजे तक कहीं से भी 'टाइम आउट' करने की मिली राहत
भोपाल/शिवपुरी। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था गुरुवार को उस समय पूरी तरह चरमरा गई, जब छुट्टी के ठीक पहले मुख्य पोर्टल का सर्वर बैठ गया। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण न सिर्फ स्कूल आने, बल्कि छह घंटे की अनिवार्य ड्यूटी पूरी कर घर लौटने की तैयारी कर रहे शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने शाम करीब 7 बजे पोर्टल पर आपातकालीन संदेश जारी कर रात 9 बजे तक किसी भी स्थान से 'टाइम आउट' (हाजिरी दर्ज) करने की बड़ी राहत दी। 
नदी-नालों के रास्ते और 60 किमी का सफर
गुरुवार को हुई तेज बारिश ने शिक्षकों की मुसीबत को दोगुना कर दिया। जिले के दूर-दराज और वनांचल क्षेत्रों में, जहां से शिक्षकों को लगभग 60 किलोमीटर दूर तक का सफर तय करना पड़ता है, वे सबसे ज्यादा चिंतित नजर आए। बारिश के कारण उफान पर आए नदी-नालों और खराब रास्तों से होकर गुजरने वाले शिक्षकों को इस बात का डर सता रहा था कि यदि वे समय पर स्कूल परिसर (जियो-फेंसिंग) से हाजिरी नहीं लगा पाए, तो उनकी पूरे दिन की मेहनत पर पानी फिर जाएगा और वेतन कट जाएगा।
नियम सख्त, पर सिस्टम सुस्त
शासन के नए नियमों के मुताबिक, शिक्षकों के लिए स्कूल आने (टाइम इन) और जाने (टाइम आउट) के वक्त ऐप पर लाइव फोटो और लोकेशन (जियो-टैगिंग) मैच करना अनिवार्य है, इसके साथ ही, स्कूल परिसर में पूरे छह घंटे की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। लेकिन गुरुवार को छुट्टी के ठीक पहले जैसे ही प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों ने एक साथ 'टाइम आउट' करने के लिए ऐप खोला, लोड बढ़ने के कारण मुख्य सर्वर पूरी तरह क्रैश हो गया।
शाम तक शिक्षक स्कूल परिसरों में ही मोबाइल हाथ में लिए नेटवर्क और सर्वर आने का इंतजार करते रहे, जिससे उनके घरों को लौटने में भारी देरी हुई।
आपातकालीन संदेश से मिली राहत
चौतरफा हंगामे और शिक्षकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शाम 7 बजे विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा। पोर्टल पर जारी आधिकारिक संदेश में कहा गया, "जो शिक्षक जहां है, उसी स्थान से रात 9 बजे तक अपना टाइम आउट दर्ज कर सकता है।" इस आदेश के बाद शिक्षकों को जियो-फेंसिंग के कड़े दायरे से उस दिन के लिए मुक्ति मिली और उन्होंने राहत की सांस ली।
शिक्षक संघों ने उठाई तकनीकी सुधार की मांग
इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों ने एक बार फिर ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था के व्यावहारिक पक्षों पर सवाल उठाए हैं। शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि:
  • ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को पहले दूर किया जाना चाहिए।
  • सर्वर की क्षमता (लोड मैनेजमेंट) को बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि एक ही समय पर लाखों लॉग-इन होने से पोर्टल क्रैश न हो।
  • खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इन नियमों में स्वत: शिथिलता देने का प्रावधान होना चाहिए ताकि शिक्षकों की सुरक्षा दांव पर न लगे।
















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