प्यार और संस्कार का कोई जेंडर नहीं होता
एक भावुक पिता ने सोशल मीडिया पर इस खूबसूरत पल की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि दुनिया भले ही यह कहती रहे कि राखी सिर्फ बहनें बांधती हैं, लेकिन उनके बेटों ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का कोई जेंडर नहीं होता। बेटों ने इस बार सिर्फ बेटे होने का फर्ज नहीं निभाया, बल्कि एक बेटी और बहन की तरह पिता के प्रति अपनी असीम जिम्मेदारी और स्नेह को भी पूरा किया।
कलाई पर धागा नहीं, उम्र भर की दुआ
पिता के लिए यह दिन किसी भी बड़े त्योहार से बढ़कर बन गया। उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा, "यह सिर्फ एक राखी नहीं, बल्कि मेरे दोनों बेटों का अपने पापा के लिए एक 'रक्षा सूत्र' है। मेरे बेटों ने मेरी कलाई पर सिर्फ एक धागा नहीं बांधा, बल्कि इसमें अपनी उम्र भर की दुआएं और अपना सबसे पवित्र प्यार बांध दिया है।"
एक 'गर्वित पिता' का संदेश
इस अनोखे और दिल को छू लेने वाले पल ने सोशल मीडिया पर लोगों की आंखें नम कर दी हैं। बिना किसी बहन के भी घर में त्योहार की वही रौनक और अपनापन दिखा, जिसने यह संदेश दिया कि परिवार में अगर आपसी समझ और गहरा प्रेम हो, तो हर रिश्ता मुकम्मल हो जाता है। खुद को एक 'गर्वित पिता' (Proud Father) बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने इन दोनों 'सुपर हीरोज' पर बेहद नाज है।
















सच्ची और अच्छी खबरें पढ़ने के लिए लॉग इन कीजिये "मामा का धमाका डॉट कॉम"।
ये है, आपकी अपनी आवाज।
फोन कीजिये। खबर भेजिये वाट्सअप नम्बर 98262 11550 या मेल कीजिये 550vip@gmail.com
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें