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#धमाका_न्यूज: गुरु नानक इंटरनेशनल स्कूल में हिंदी की समृद्ध परंपरा और वर्तमान प्रासंगिकता पर हुआ विमर्श, डॉ. अजय खेमरिया ने कहा, "हिंदी को समझने के लिए उसके लोकजीवन और भाषिक परंपरा को समझना जरूरी"

मंगलवार, 15 सितंबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
शिवपुरी। गुरु नानक इंटरनेशनल स्कूल, शिवपुरी में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार, 15 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसी क्रम में विद्यालय में हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध परंपरा एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता को केंद्र में रखते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के दिव्यांगजन आयुक्त एवं वरिष्ठ लेखक डॉ. अजय खेमरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के निदेशक श्री महिपाल अरोरा ने की। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती कीर्ति चावला, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. अजय खेमरिया, निदेशक श्री महिपाल अरोरा एवं प्राचार्या श्रीमती कीर्ति चावला ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत एवं मनमोहक नृत्य से हुआ। इसके पश्चात हिंदी भाषा की समृद्धि, उपयोगिता एवं वर्तमान संदर्भ में उसकी भूमिका को लेकर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति, तर्कशक्ति एवं विषय की समझ ने उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. अजय खेमरिया ने अपने उद्बोधन में हिंदी के व्यापक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी भाषा को समझने के लिए केवल उसके शब्दों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके पीछे निहित भाषिक परंपरा, संस्कृति, लोकजीवन, बोलियों एवं सामाजिक संदर्भों को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिंदी के साथ-साथ भारत की विभिन्न भाषाएँ और बोलियाँ देश की सांस्कृतिक विविधता एवं समृद्धि की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के नियमित अध्ययन, पठन-पाठन तथा रचनात्मक लेखन के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती कीर्ति चावला ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी हमारे विचारों, भावनाओं एवं संस्कारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी को केवल पाठ्यक्रम का विषय न मानकर उसे अपने दैनिक जीवन, लेखन एवं व्यवहार में सम्मानपूर्वक अपनाने का आह्वान किया।
विद्यालय के निदेशक श्री महिपाल अरोरा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, प्राचार्या, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति-कौशल एवं रचनात्मक क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन हिंदी के प्रति सम्मान, प्रेम एवं गौरव की भावना के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने हिंदी के अध्ययन, प्रयोग एवं संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।











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