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#धमाका_अलर्ट: ये कैसा गरबा का प्रचार ?शहर की सड़कों पर उड़ी कानून की धज्जियां, 6 से अधिक वाहनों की छत पर युवतिया बिठाकर सड़कों पर दौड़े वाहनं, जान से किया खिलवाड़,देखिए video

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026

/ by Vipin Shukla Mama
shivpuri शिवपुरी। शहर की सड़कों पर आज उस समय सनसनी फैल गई जब करीब आधा दर्जन कार और जीप पर युवतियां बैठी नजर आईं। सीधे तौर पर जान से खिलवाड़ करते हुए ये वाहन शहर के प्रमुख मार्गों से निकले। कस्टम गेट से लेकर दो बत्ती चौराहे तक ये वाहन नगर में एक साथ निकले लेकिन ट्रैफिक पुलिस की शायद नज़र नहीं पड़ी। बताया जा रहा है कि शहर में नवरात्र के चलते गरबा आयोजित किए जाएंगे उनमें से ही किसी एक आयोजक ने ये कारनामा किया जिसमें कानून की धज्जियां तो उड़ाई ही है साथ ही कई वाहन पर युवतियों को खुलेआम बिठाकर उनकी जान खतरे में डाली गई है। अब देखना है कि ट्रैफिक पुलिस इन वाहनों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करती है।
                   (देखिए video)
जानकर बोले, पूरी तरह गलत 
चलती कार या जीप की छत या बोनट पर बैठकर शहर की सड़कों पर निकलना कानून की दृष्टि से पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी है। यह न केवल गाड़ी में बैठे लोगों की जान जोखिम में डालता है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी बेहद खतरनाक है। 
ऐसा करने पर वाहन चालक और उसमें सवार लोगों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है: 
मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत धाराएं
• धारा 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना): चलती गाड़ी की छत या बोनट पर किसी को बैठाकर गाड़ी चलाना 'डेंजरस ड्राइविंग' (खतरनाक ड्राइविंग) की श्रेणी में आता है। इसके तहत भारी जुर्माने (₹1,000 से ₹10,000 तक) और जेल का प्रावधान है।
• धारा 177 (सामान्य यातायात नियमों का उल्लंघन): ऐसे अपराध जो विशेष रूप से परिभाषित नहीं हैं, उनके लिए भी पुलिस इस धारा के तहत चालान काट सकती है।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत धाराएं
(नोट: यह पहले IPC के तहत आता था, लेकिन अब नए कानून BNS के तहत कार्रवाई होती है)
• धारा 281 BNS (पुराणी धारा 279 IPC): यह धारा सार्वजनिक मार्ग पर उतावलेपन या लापरवाही से वाहन चलाने पर लागू होती है, जिससे किसी मानव जीवन को संकट हो या किसी व्यक्ति को चोट पहुँचने की आशंका हो।
धारा 106/125 BNS (पुरानी धारा 336 IPC): दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले लापरवाही भरे कृत्यों के लिए यह धारा लगाई जाती है।
कानून सम्मत परिणाम:
पुलिस ऐसे मामलों में तुरंत एक्शन लेती है। यातायात नियमों और सार्वजनिक सुरक्षा के उल्लंघन के कारण गाड़ी को सीज (जब्त) किया जा सकता है, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। गरबा प्रचार, रील बनाने या शौक के चक्कर में ऐसा स्टंट करना कानूनी रूप से एक गंभीर अपराध है।













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