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धमाका बड़ी खबर, कोटा में मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रहे शिवपुरी के रीतेश की मौत

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गुरुवार, 12 मई 2022

कोटा। शिवपुरी निवासी एक छात्र की कोटा में मौत हो गई है। मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रहे इस छात्र की मौत के बाद परिजन कोटा गए जहां पीएम कर मोत की वजह तलाशी जा रही हैं। शहर के कुन्हाड़ी थाना इलाके में लैंड मार्क सिटी के एक हॉस्टल में रहने वाला रीतेश मध्य प्रदेश का शिवपुरी निवासी स्टूडेंट अपने रूम में बुधवार रात को ही बेहोश मिला था। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसके शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया. परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया। फिलहाल पुलिस पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद सामने आएगा कि आत्महत्या की है या फिर उसकी नेचुरल डेथ हुई है। कुन्हाड़ी थाने के एएसआई रणधीर सिंह का कहना है कि शिवपुरी के रहने वाले राम सिंह बघेल का बेटा रितेश बघेल (19) बीते ढाई साल से कोटा में रहकर ही मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रहा था। वो लैंडमार्क सिटी के हॉस्टल में रहता था. बुधवार रात को कई बार कॉल करने के बाद उसने अपने परिजनों का फोन नहीं उठाया तो उन्हें फिक्र हुई। परिजनों ने हॉस्टल संचालक को फोन किया। जिसके बाद होटल संचालक ने भी रितेश के रूम का जाकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई हलचल अंदर से नहीं हुई। रूम अंदर से लॉक था, ऐसे में दरवाजे को तोड़ा गया। दरवाजा खुलते ही रितेश बेहोशी की हालत में बिस्तर पर पड़ा दिखा। संदिग्ध हालात को देखते हुए पुलिस को सूचित किया गया। फिर रितेश को अस्पताल पहुंचाया गया।

जिले की लाडलियों की सफलता की 2 कहानी

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1. लाड़ली हूं इसलिए पढ़ रही हूं, नहीं तो दूसरी लड़कियों की तरह बालिका बधू बन जाती
2.लाड़ली लक्ष्मी योजना से मिला आत्मबल, आज बेटी नेशनल योगा चेम्पियन है
- लाड़ली की मां बोलीं योजना ने परिवार का मनोबल और बेटी का हौसला बढ़ाया
शिवपुरी। विवाह के 7-8 साल बाद काफी इलाज और मन्नत-दुआओं के बाद हमारे घर एक बेटी ने जन्म लिया। जिसका नाम हम ने पलक रखा। बेटी काफी लाडली थी,लेकिन परिवारिक आर्थिक स्थिति के चलते विवाह की चिंता होना लाजमी था। तभी हमें आंगनबाडी कार्यकर्ता के माध्यम से म.प्र. सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना की जानकारी मिली। हमने योजना में उसका पंजीयन कर दिया। उसके बाद बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त हो गए।बेटी के जन्म के दो साल बाद एक बेटा प्राप्त हुआ। योजना की शर्त के मुताविक दूसरी संतान के बाद परिवार नियोजन जरूरी था। उस समय स्वास्थ्यगत कारणों से मैं ऑपरेशन नहीं करा सकती थी, किन्तु बेटी को लाडली लक्ष्मी बनाना था, तो पति ने पुरूष नसबंदी को अपनाया और बेटी लाडली लक्ष्मी बन गई। यह बात लाडली पलक की मॉ सरस्वती तोमर ने बताई।
 उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। पति एक हलवाई की दुकान पर काम करते थे, उनकी मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता था। आर्थिक तंगी के वावजूद भी हम ने बेटे और बेटी को बिना किसी भेदभाव के पढाया। कक्षा 06 से ही बेटी का योग की तरफरूझान हुआ तो उसे योगाभ्यास कराना शुरू कर दिया। आज मुझे इस बात पर गर्व है, कि पलक ने पढाई के साथ ही योग के क्षेत्र में भी बडी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2016 में उसने नेशनल गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वर्तमान में पलक के पास 04 गोल्ड और 03 सिल्वर मेडल है। उसने 10 वी बोर्ड परीक्षा में 71 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है।
 लाडली लक्ष्मी योजना में पलक के जुडने से मुझे काफी संबल मिला है। हाल ही में 'मॉ तुझे प्रणाम योजना' के तहत उसे वाघा बोर्डर (पंजाब) की यात्रा कराई गई, जिससे उसमें देशभक्ति की भावना प्रबल हुई है तथा उसे आत्मबल प्राप्त हुआ है। मै सरकार की बहुत आभारी हूँ।
लाड़ली हूं इसलिए पढ़ रही हूं, नहीं तो दूसरी लड़कियों की तरह बालिका बधू बन जाती
बाल विवाह के भय से मुक्त शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहीं है जिले की 98 हजार से अधिक लाड़ली बेटिया
 शिवपुरी। पढ़ने- लिखने की इच्छा तो सभी की होती है,पर सभी की इच्छाएं पूरी कहां हो पातीं है। हमारा आदिवासी समाज शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे है। लड़कियों को पढ़ाने के बजाय कम उम्र में विवाह करने का रिवाज है। जब मैं 10 वर्ष की थी, तब मेरी मां की मृत्यु हो गई। समाज के लोगों ने मेरे पिता पर दबाव बनाया कि अब कौन रखवाली करेगा, इसके हाथ पीले करो। 
मेरे पिता भी लोगों के दबाव में आकर विवाह करने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत मिलने वाले एक लाख रुपये के लिए महिला बाल विकास में संपर्क किया तो विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि पहले लड़की को 12 वी तक पढ़ाओ 18 साल की होने के बाद विवाह करना तभी रुपये मिलेंगे। अभी विवाह करोगे तो जेल होगी। फिर पिता ने विवाह का विचार छोड़ दिया। 
 यह बात 9 वी कक्षा में पढ़ने वाली चंदनपुरा निवासी प्रियंका आदिवासी ने बताई। उसने बताया कि अगर मैं लाड़ली लक्ष्मी योजना में नहीं होती, तो समुदाय की दूसरी लड़कियों की तरह मेरा भी बाल विवाह हो गया होता। जन्म देने वाली मां का साथ छूटा तो लगा अब पढ़ाई छूट जाएगी, पर मुख्यमंत्री शिवराज मामा की लाड़ली लक्ष्मी योजना मेरे लिए वरदान बन गई। 
लाड़ली का बाल विवाह किया तो नहीं मिलेगी लक्ष्मी
समाज में बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव और उन्हें बोझ समझे जाने की मानसिकता में बदलाव के लिए वर्ष 2007 में लाड़ली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। जनसंख्या नियंत्रण, बाल विवाह रोकथाम, घरेलू हिंसा उन्मूलन एवं बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ बेटियों के प्रति सामाजिक सोच बदलाव में इस योजना का विशिष्ट योगदान रहा है। 
बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले में 98905 लाड़लियां पंजीकृत है, जिनके स्वास्थ, पोषण और शिक्षा की नियमित निगरानी की जाती है। इनमें से कक्षा 6, 9 , 11 एवं 12 वी में प्रवेश लेने वाली 16249 लाड़लियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। योजना की शर्त के अनुसार लाड़ली का विवाह 21 वर्ष की आयु होने पर ही लाभ मिलेगा। इस कारण लाड़ली बेटियां बाल विवाह के भय से मुक्त होकर शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहीं है।

मप्र राज्य कर्मचारी संघ ने जिला स्तर पर सौपा ज्ञापन

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पुरानी पेंशन लागू करे सरकार 
शिवपुरी। देश व प्रदेश के 1 जनवरी  वर्ष 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों को एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन सरकार बहाल करे।  क्योकि राष्ट्रीय पेंशन योजना  बाजार पर आधारित है। जो बाजार आधारित रिटर्न्स की गारंटी देती है।  इस मांग को लेकर आज जिला स्तर पर  मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष दिलीप शर्मा, सचिव अजमेर सिंह यादव के नेतृत्व में देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर अंकुर रवि गुप्ता को सौपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है राष्ट्रीय पेंशन योजना में कर्मचारियों  को शासन से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से भी कम राशि रिटायर्ड के बाद  पेंशन के रूप में प्राप्त होती है । इसलिए इसे बंद करके केंद्र व राज्य  सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करे। इस मौके पर मप्र राज्य कर्मचारी संघ के डॉ कौशल किशोर गौतम,  मुकेश आचार्य, रिपुदमन सिंह भदौरिया, अनुज गुप्ता, गजेन्द्र यादव, योगेश मिश्रा,  भजन कुशवाह, हरीश हर्षित, हरिशंकर मथनियाँ, यशपाल जाट, आलोक जैमिनि,  गोपाल जैमिनी,  विजय शर्मा, मोनू शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, भजनलाल कुशवाह,   अलंकार आँगलेकर,  दर्शन शिवहरे प्रेम नारायण नामदेव  भजन सिंह,  पवन , हरपाल सतीश आदिवासी, योगेश कुशवाह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुए। 
फोटो कैप्शन
डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपते पदाधिकारी

12 मई, अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस, इस दिन को नर्सों के योगदान और सम्मान के प्रति समर्पित किया गया है, रवि गोयल

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शिवपुरी। बीमार या रोगी के स्वास्थ्य के लिए एक डॉक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है लेकिन हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर के साथ ही नर्स भी  अहम रोल निभाती हैं। कोरोना काल में डॉक्टर और नर्स कोरोना वॉरियर्स या योद्धा कहलाएं। उस दौरान डॉक्टरों से साथ ही नर्सेस ने दिन रात लोगों की सेवा की। उनकी इसी सेवाभाव को सम्मान देने के लिए शक्ति शाली महिला संगठन द्वारा अपने बाण गंगा मंदिर परिसर में सम्मान प्रोग्राम आयोजित किया प्रोग्राम समन्वयक रवि गोयल ने बताया की  सालों से हर साल 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। इस दिन को नर्सों के योगदान और सम्मान के प्रति समर्पित किया गया है। कोरोना काल में नर्स की भूमिका को लोगों ने समझ लिया लेकिन नर्स दिवस को मनाने की शुरुआत दशकों पहले हो चुकी है। आखिर किस नर्स की सेवा भाव को लोगों ने नोटिस किया और इस दिन को समर्पित कर दिया।अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1974 जनवरी से हुई थी। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित है। उनकी याद में ही 12 मई को नर्स दिवस मनाया जाता है। हर साल 12 मई को नर्स दिवस मनाया जाता है। इसका कारण फ्लोरेंस नाइटिंगेल हैं, जिनका जन्म 12 मई के दिन हुआ था। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने ही नोबेल नर्सिंग सेवा की शुरुआत की थी।फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था। उन्होंने जिंदगी भर बीमार और रोगियों की सेवा की। फ्लोरेंस का खुद का बचपन बीमारी और शारीरिक कमजोरी में बीता। उन दिनों स्वास्थ्य संबंधी कई सुविधाओं की कमी ती। बिजली उपकरण नहीं थे। हाथों में लालटेन लेकर अस्पताल में स्वास्थ्य गतिविधियां की जाती थीं। फ्लोरेंस को अपने मरीजों की हमेशा फिक्र रहती थी। उनकी देखभाल के लिए फ्लोरेंस रात में भी अस्पताल में घूम कर चेक करती कि किसी रोगी को कोई जरूरत तो नहीं है। गरीब, बीमार और दुखियों के लिए वह कार्य करती थीं। उनकी नर्सिंग सेवा ने समाज में नर्सों को सम्मानजनक स्थान दिलाया। ऐसे ही हमारे शिवपुरी शहरी अति पिछड़े बस्ती में टीकाकरण कार्य में लगी सिस्टर रेखा रजक को सम्मानित करके ये दिवस मनाया आजकल सिस्टर फ्लोरेंस जैसे महान सिस्टर तो नही मिलती लेकिन उनके जैसा अनुसरण करने वाली सिस्टर रेखा चौहान जो अपने एरिया के एक।भी बच्चे को टीका से वंचित नहीं रखती इसीलिए हमने उनको ये सम्मान दिया साथ ही इस दिन सिस्टर के कंधों से कंधा मिलाकर कार्य करने वाली सुपोषण सखी कमलेश, नर्मदा, कमला एवम विमला बाई जाटव को पौधा एवम प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

धमाका बड़ी खबर, मंत्री श्रीमंत ने ऑनलाइन बैठक लेकर नगर के पेयजल की बिंदुबार समीक्षा, कलेक्टर अक्षय व सीएमओ अवस्थी से कहा, घर घर मड़ीखेड़ा का पानी हर हाल में पहुंचाए

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 शिवपुरी। नगर के विभिन्न इलाकों में पेयजल संकट की जानकारी सामने आने के बाद बीते दिनों मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने कलेक्ट्रेट में मैराथन बैठक की थी। टाइमलाइन के साथ इस बैठक में उन्होंने नगरपालिका के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जिन इलाकों में पेयजल संकट है वहां तत्काल प्रभाव से मौके पर जाकर समस्या का निदान किया जाए और पेयजल की लाइन बिछाई जाए जहां कनेक्शन नहीं हुए वहां कनेक्शन किए जाएं। आज गुरुवार को इसी बैठक की समीक्षा बैठक बिंदुबार मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे के निर्देशन में ली गई। गूगल मीट के माध्यम से उन्होंने कलेक्टर अक्षय सिंह, नगर पालिका सीएमओ शैलेश अवस्थी, मड़ीखेड़ा योजना के प्रभारी सचिन चौहान,  अभिषेक सहित भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्षों सहित पूर्व अध्यक्ष भानु दुबे के साथ बैठक में वरिष्ठ पत्रकार विपिन शुक्ला, संजीव बांझल,  लालू शर्मा और राजू शर्मा शामिल हुए। बैठक में इसी बात पर फोकस किया गया कि जिन इलाकों में पेयजल संकट था वहां पेयजल संकट का निदान करने के निर्देश दिए थे उसके विषय में बिंदुबार पूछताछ की। साथ ही मौके पर ही निज सचिव राजेंद्र शिवहरे, शहर मंडल अध्यक्षों केपी परमार, विपुल जेमनी के साथ अन्य लोगों से उसकी वास्तविकता जानी। जिन इलाकों में संकट का निदान हो गया उनको छोड़कर जिन इलाकों में अभी काम बाकी है। वहां 2 से 3 दिन की फिर से नई टाइमलाइन दी गई है। और 1 सप्ताह के भीतर शहर के उन सभी इलाकों में पेयजल पहुंचाने के निर्देश दिए हैं जहां पानी नहीं पहुंच रहा। श्रीमंत ने कहा कि जनता को हर हालत में पानी मिलना चाहिए जब सीएमओ शैलेश अवस्थी ने बताया कि मड़ीखेड़ा योजना का काम कर रही कंपनी के कर्मचारी सीमित है इसलिए काम में देरी हो रही है। तो कलेक्टर सिंह ने विचार रखा की अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर काम को जल्द पूरा किया जाए जिस पर श्रीमंत ने निर्देश दिए हैं कि चाहे जो कदम उठाना पड़े लेकिन जनता को जल्द से जल्द पानी उपलब्ध कराएं। 
इसी के साथ नगर के नालों की सफाई को लेकर भी निर्देश दे दिए गए हैं 
पोकलेन मशीन की कमी पर श्रीमंत ने कहा कि उसकी शुक्रवार को ही व्यवस्था की जाए जिससे नाले साफ हो सके। बता दें कि बीते साल दो हितेची व एक पोकलेन ने नालों की सफाई की थी उसी प्रक्रिया को अपनाते हुए श्रीमंत ने निर्देशित किया है कि नगरपालिका जल्द से जल्द नालों की सफाई कराए जिससे बारिश में किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।
 सीएमओ मौके पर जाएंगे और अवगत कराएंगे 
श्रीमंत ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वे रात्रि में निकले और नगर के विभिन्न इलाकों में जाकर देखे कहां जल संकट है। मौके पर जाएं तो वह इस बात की जानकारी सामान्य जन के बीच भी पहुंचाई जाए जिससे लोगों को जानकारी हो कि नगरपलिका क्या काम कर रही है।
अब नहीं देखना चाहती टैंकर घर-घर टोटी से पहुंचाय पानी 
श्रीमंत ने निर्देश दिए हैं कि शिवपुरी में अब टैंकर का संचालन नहीं किया जाए बल्कि मड़ीखेड़ा की लाइन जहां नहीं है वहां बिछाई जाएं और लोगों को अब उसी के माध्यम से घर-घर कनेक्शन देकर पानी की सप्लाई की जाए। टैंकर अब बंद होने चाहिए चाहे वह सरकारी हो या फिर किराए के। उन्होंने नगरपालिका के अधिकारी और कलेक्टर को भी निर्देश दिए कि जल्द से जल्द सभी इलाकों में मणिखेड़ा की लाइन के माध्यम से ही पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।

धमाका: डंडा बैंक पर चला कोतवाली पुलिस का डंडा, पुरानी शिवपुरी का 'रवि यादव गिरफ्तार'

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शिवपुरी. नगर में अभी भी डंडा बैंक संचालित हो रही हैं. गरीबों को चंगुल में लेकर उनसे मनमानी वसूली की खबरें तो मिलती रही है लेकिन इस बार जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक सरकारी कर्मचारियों को भी डंडा बैंक ने अपनी गिरफ्त में ले रखा है. शहर के पुरानी शिवपुरी इलाके में सरकारी कर्मचारियों के एटीएम कब्जे मेंरखने के बाद उनके वेतन में से नाम मात्र की राशि उनको दिये जाने कि बातें सामने आ रही थीं कि इसी बीच  कोतवाली पुलिस तक एक शिकायत आई जिसमें कर्ज ली गई राशि चुकाने के बाद भी वसूली करने और न देने पर धमकाने कि शिकायत पुलिस तक आई तो छानबीन करते हुए कोतवाली पुलिस ने रवि यादव नामक  युवक को कब्जे में ले लिया है. कोतवाली टीआई सुनील खेमरिया ने इस बात कि पुष्टि क़ी.
लोग बोले कार्रवाई ढंग से हुई तो
पुरानी शिवपुरी के लोगों ने पुलिस से कहा है क़ी वह कठोर कार्रवाई करे तो बड़ा खुलासा हो सकता है. नगर क सरकारी कर्मचारियों को जरूरत पर रुपय देकर बदले में एटीएम रखने और फिर वेतन आने पर महज कुछ रुपये देकर बाकी कब्जे में रखने का मामला भी डंडा बैंक से जुडा हुआ है. अगर एटीएम क़ी फुटेज और कार्ड बरामद किये गए तो बड़ा खुलासा हो सकता है.

धमाका : डेविड चौहान हथेली में फरसे के वार से घायल, सौरभ गिरफ्तार अमन फरार, ऐसे घायल है हथेली

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शिवपुरी। नगर मे तीन कद्दावर युवाओं के बीच पुरानी रंजिश के चलते फसाद  हो गया. एक ने दूसरे के हथेली में फरसा मार दिया जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए शहर के निजी चिकित्सालय के बाद ग्वालियर में भर्ती
कराया गया है. टीआई सुनील खेमरिया के अनुसार इंद्र प्रताप सिंह चौहान उर्फ सौरव चौहान पुत्र छिंगा सिंह चौहान उम्र 26 साल का शिव कॉलोनी एवं अमन चौहान  निवासी रीतेश उर्फ डेविड चौहान से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते बीती रात यह आमने सामने हो गए और रीतेश पर फरसे से हमला कर दिया। जिससे रीतेश उर्फ डेविड कि हथेली  मे फरसा लगा है। बता दें कि एक जमीन को लेकर सौरभ चौहान ने पूर्व डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार को कुछ  महीने पूर्व गोली मारी थी, इस जमीन का सौदा डेविड की देख रेख में हुआ था इसी मामले में डेविड गवाह है. इसी बात को लेकर यह विवाद हुआ और सौरभ व उसके भाई अमन ने फरसे से हमला बोल दिया. टीआई खेमरिया ने बताया कि पुराने जमीन के विवाद को लेकर यह वारदात हुई है, सौरभ ने अपने घर के सामने ही इस घटना को अंजाम दिया है उसके बाद अमन फरार हो गया है जबकि सौरभ  गिरफ्त मे ले लिया है. धारा  307 का केस दर्ज किया गया है.
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